नमकीन चाय मीठी याद


करगिल बॉर्डर से थोड़ा आगे हुंडरमान गाँव, जो पाकिस्तान से 1971 वॉर में हमारे पास आ गया था. उसी से थोड़ा ऊपर सेना चौकी के बाद एक छोटी बस्ती उन लोगो की जो लड़ाई के बाद भारत में ही रह गए. वहां जाने की इजाज़त हर किसीको तो नहीं है जैसा कि आर्मी जवान ने मुझे बताया पर महाराष्ट्र की गाडी होने का मुझे थोड़ा फायदा मिला और बस्ती में जाने मिल गया.

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Hunderman Village

चेक पोस्ट के थोड़ा आगे पहुँचते ही एक कार को टेककर रास्ते के किनारे दो लोग बैठे हुए दिखे. एक कुछ ९० साल के बुजुर्ग और एक अंकल.मैंने गाडी रोकी पूछने के लिए कि “और आगे जा सकते है ना“, बड़े मुस्कुराते हुए उन्होंने जवाब दिया “हा हा देख आओ आगे“.देखने के लिए तो कुछ था नहीं पर कुछ अलग ख़ुशी मिल रही थी. कुछ बच्चे भी दौड़ते हुए आये मिलने के लिए तो और अच्छा लग रहा था. नाम के अलावा बात उन्होंने कुछ की नहीं,थोड़ी  देर उनके साथ समय बिताकर मैंने वापसी की तैयारी की .वापसी में वो दोनों वही बैठे दिखे .गाडी काफी धीमी गति में थी तो आवाज़ देकर पूछ लिया “देख आये बेटा”. मैंने जवाब दिया हा अंकल. फिर थोड़ी पूछताछ आप कहा से आये हो, अकेले आये हो वो भी स्कूटी पे. जवाब दिए उनके सवालो के और फिर अगला सवाल चाय पिओगे बेटा, जवाब हा ही था. अंकल दौड़कर घर गए,घर थोड़ी उचाई पे था और  बस चाय ही नहीं तो साथ रोटी भी लेकर आये. मुझे बैठने के लिए एक पत्थर दिया और बस बैठ गए हम गप्पे मारने. सबसे पहले तो वो मुझे चाय के बारे में बताने लगे. नमकीन चाय पीते है हम यहाँ .ठण्ड में ये चाय काफी मदद करती है और एसिडिटी की प्रॉब्लम भी नहीं करती और भी अलग अलग फायदे.  रंग देखकर ही मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था पर पीनी तो थी ही.जैसे  ही एक घुट पि आगे पिने की इच्छा ख़तम  सी हो गयी थी पर वो मुमकिन नहीं था की किसीका दिल तोडा जाये. होटल होता तो चाय वही छोड़कर चली जाती पर यहाँ तो मेहमाननवाज़ी थी. चाय के साथ वो रोटी खाने के लिए भी बोलने लगे “कुछ खाया नहीं होगा आपने , भूक लगी होगी आपको,दूर से सफर करके आ रहे हो , थोड़ी खा लो” .पर हाथो में पेट्रोल लगे होने की वजह से रोटी नहीं खा सकती थी .जब तक मैं चाय पीती एक और अंकल आ गए और उनके साथ उनका बेटा. अब हम ३ से ५ हो गए थे .वो अंकल के भी वही सवाल अकेले आये हो इतनी दूर से वो भी स्कूटी से. जब सारे जवाब हा में मिले तो वो कहते है “आप पढ़े लिखे हो ना बेटा  इसलिए ये हिम्मत कर पाए हमारी बच्चिया तो नहीं कर पायेगी. कारगिल से ऊपर आने में ही डर जाती है“.कितनी बड़ी बात कह दी थी उन्होंने। वह पढ़े लिखे ना होते हुए भी पढाई के महत्त्व को समझ पा रहे थे. वह कहते है ना की किसी चीज़ की कीमत उसके खोने के बाद ही होती है.

पढ़ने के काफी फायदे होते है हम तो नहीं पढ़ पाए.स्कूल आधे समय बंद रहती थी हमारी और आधे समय टीचर नहीं, छोड़ दी हमने पढाई. अब बनी है थोड़ी अच्छी स्कूल,8th क्लास तक है पर, टीचर कभी आते है कभी नहीं.उनकी बातो के साथ चाय धीरे धीरे चल रही थी फिर भी आधी ही हो पायी थी और ये मुझे पता था अगर ऐसे एक एक घुट लेकर चाय पि गयी तो आज ना ख़तम होनी. तो उठाया गिलास और पि ली एक साथ. चाय पीकर कैसा लगा बोहोत गन्दा क्योंकि इसके पहले कभी नहीं पि थी. सच कहा जाये तो अगर मैं किसी और जगह बैठी होती तो उलटी कर देती पर याहा मेरे दिल, दिमाग, तन, मन का भी शुक्रिया की जिस प्यार से एक अनजान के लिए वो चाय और रोटी लाये थे उस प्यार की लाज रख ली. अगर वो उस समय एक और गिलास चाय लाकर रख देते तो शायद उनके मुस्कुराते चेहरे के लिए वो भी पि जाती.चाय ख़तम हुई पर हमारी बाते नहीं भारत पाकिस्तान के किस्से, यादे.गाँव में रहकर जो वो काम करते है उसकी बाते,छोटे छोटे खेत और ज़िन्दगी.

बाते और भी होती पर अँधेरा होने से पहले गेस्ट हाउस पहुंचना था. तो अलविदा कहकर निकल पड़ी उनकी दुवाओ  और कुछ सवाल के साथ.जो सबसे बड़ा सवाल मन में आया, वो ये  की कुछ लोग है जो चाह कर भी पढ़ नहीं पा रहे और कुछ हम जैसे खुदको एडुकेटेड कहने वाले लोग क्या इसका सही इस्तेमाल कर रहे है.

सुचना  चाय बुरी इसलिए नहीं लगी की बुरी बानी थी चाय बुरी इसलये लगी की कभी पहले पि ही नहीं थी

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Namkin Chai
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5 comments

  1. Glad tht ur back with ur blogs. Intensity remains the same.. peppered with the same sawal jawab..!
    (Took me some time though… to go through it..being in our national language ( n time being 0115h))

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  2. Sabar ka phal meetha hota hai, is baar namkeen meetha mila… Write regularly, ur experience always give positive and inspiring thoughts… Waiting for next topic…

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  3. Nother day.. n a re read!
    Hits all ur alert senses with its sheer beauty n lets u savor the tea like u were there..
    But knowing the blogger, i wouldn’t venture into the QnA arena cos im not ready to put my foot in my mouth!
    Atta girl.. way to go!

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