पेहली मुलाकात

Happiness is when you are struggling to find a hotel to stay in an unknown city as they are skeptical of a girl travelling alone on her scooty and suddenly enters a Hero :p

तो ये कहानी है पटनीटॉप की. पोहोच तो गयी थी मैं पटनीटॉप अब परेशानी हो रही थी रहने की.२ होटल  में पूछ चुकी थी पर अकेली लड़की स्कूटी पे इतना दूर ५० सवाल और थोड़ा शक, होना भी जायज़ था लोगो पे विश्वास वैसे ही कम करते है आजकल हम और फिर एरिया जम्मू कश्मीर का. होशियारपुर से पटनीटॉप का सफर भी कुछ मिला जुला सा ही था कुछ अच्छा कुछ बुरा और अब फिर होटल के लिए मेहनत.निराश होकर एक होटल के निचे खड़ी ही थी तभी ४ रॉयल एनफील्ड गुजरी और उसमे से आखरी रॉयल एनफील्ड थोड़ा आगे जाकर रुकी राइडर ने हेलमेट का गिलास ऊपर किया और आवाज़ दि “ओये Snehal इधर आ” बाइक के पास जाकर देखा Vishal  there he was लाइफ में इतनी ख़ुशी कभी किसी और से मिलकर नहीं हुई थी जितनी उस दिन हुई वह भी पहली मुलाकात मे.हम दोस्त बने FB से राइडिंग के कॉमन पैशन की वजह से. Vishal मुम्बई से और मैं नागपुर से , नागपुर तो लोग कम ही आते है तो हमारा तय हुआ था की अगर कभी मैं  मुम्बई या फिर पुणे भी आयी तो हम मिलेंगे पर ये तीनो शहर छोड़कर हम मिले पटनीटॉप मे एक अनजान शहर मे.मिले और उसके बाद तो टेंशन की बात ही नहीं “चल तू हमारे साथ रहेगी हम ये होटल मे रुके है “. दुनिया बोहोत छोटी है और जब मुझपे मुसीबत आती है तो शायद और थोड़ी छोटी हो जाती है ;p.

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One thought on “पेहली मुलाकात

  1. Jab tu saafar pe nikle.. dhanak dikni hi dikni.. bale raat ho ya din!!
    These bits of life prove tht providence is indeed ur god father!
    N im yet to learn of a god father deserting the progeny..

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