पेड़ और पानी


05/06/2017

जितना खूबसूरत आज का दिन था उस से कही ज्यादा खूबसूरत थी आज की शाम. शाम को नवाज़ा गया मुझे एक बोहोत बड़े पुरुस्कार से, वो पुरुस्कार मिला इसी साल चौथी और नवी कक्षा में प्रवेश किये हुए बच्चो से. पुरुस्कार मुझे घोषित कल ही कर दिया था इन्होने,मुझे पता बस आज चला जब शाम को ७ बजे मैं विहार के एंट्रेंस पर पोहोची. गाडी बस लगा ही रही थी और आर्या की आवाज़ आयी- क्या टाइमिंग है आपकी, आर्या के साथ साथ थे मिक्की और तनिष्क. अब आप पूछेंगे ये कौन तो ये है मेरी “वाटर आर्मी” के 3 जवान. जवान और भी है आर्मी में पर आज ये 3 ही थे.

IMAG2703

तनिष्क पेड़ो को पानी डालते हुए

गाडी मैंने खड़ी की हेलमेट निकाला और गाडी पे रखा हुआ पौधा उठाने झुकी ही थी की पौधा मिक्की ने अपने हाथ में ले लिया और हेलमेट आर्या, ये दोनों ही 4th में. अंदर जाकर गार्डन एरिया में हमने पौधा रखा और चालू हो गयी आर्या की बड़बड़ ” अरे दीदी आपको पता है क्या कल मिक्की ने क्या किया, कल ना अकेला ही डब्बे ( 5 लीटर के 2 कैन) लेकर हैंडपंप पर गया और पेड़ो को अकेले ही इसने पानी डाला” मैं थोड़ा चौक गयी. रोज़ हम ना तो मिक्की को हैंडपंप मारने देते है ना ही डब्बे उठाने क्युकी बाकी बच्चो से वो थोड़ा नाजुक और नखरे वाला है. कल सुबह 7 बजे से जो वृक्षारोपण के लिए बहार निकली थी तो सीधा शाम को 5 बजे घर पोहोची जिसकी वजह से थकान थी थोड़ी, अब जब ये इन बच्चो को बताया तो बोलते है ” आप थकते भी हो”. पहली बार सुन रहे है हम आपसे, आप कितना कुछ करते हो राइड पे जाते हो, ऑफिस भी करते हो पेड़ भी लगाते हो, पानी भी डालते हो,क्रिकेट भी खेलते हो इनकी छोटी सी दुनिया की मैं सुपरवूमन.

IMG_20170610_194022

और हम मैच जीत गए

ऑफिस से आकर जैसे ही मैं इन्हे ग्राउंड पर आते हुए दिखती हु तुरंत “दीदी आयी दीदी आयी” करके दौड़कर पास आते है और साथ में विहार चलते है कैन उठाने. इनसे मिलने के बाद मुझे ऐसा कोई दिन याद नहीं जब मैंने हैंडपंप चलाया हो या कैन खाली हो या भरी उठायी हु. तनिष्क मुझे करने ही नहीं देता, पंप को हाथ भी लगाया तो “दीदी आप ऑफिस से आये हो,थक गए रहोगे, मैं करता हु ना, आर्या दीदी को मत करने दे उन्हें मत थका”. पानी भी वही डालते है और जब क्रिकेट खेलने का टाइम होता है तो रनर आर्या बन जाता है, पैर की चोट के बारे में उन्हें पता है तो पैर के पास बॉल आयी भी तो “दीदी लगी तो नहीं,सॉरी दीदी”. थकान की वजह से कल पानी डालने के लिए लेट पोहोची तब ये बच्चे वाहा थे नहीं और मेरी हालत जवाब दे चुकी थी इसलिए वापस चली गयी.फिर आज पता चला की पानी तो दिया गया था और वह भी अकेले बस छोटे से मिक्की ने.आज लगा की मुझे ”आउटस्टैंडिंग एचीवर अवार्ड” देना सफल हुआ.

IMAG2731

सकाळ ग्रुप का मुझे दिया गया अवार्ड

कल मैं विहार में नहीं थी उन्हें बताने के लिए की पेड़ में पानी डालना और ना ही मैंने कोई उनकी ड्यूटी लगा रखी है पानी डालने की ना ही कोई जबरदस्ती पर फिर भी जो काम वो मेरे होते हुए बड़े जोश के साथ करते है मेरे ना होते हुए भी जिम्मेदारी के साथ पूरा किया. और बड़ी इम्मान्दारी से मुझे ये भी बताया गया की दीदी ये दो पेड़ो को पानी नहीं दे पाया. आज उनसे पूछा भी अगर मैं नहीं रही फिर भी पानी डालोगे तुम लोग तो जवाब एक साथ सबने हां में ही दिया.आज भी जब एंट्रेंस पर हम मिले तो इन बच्चो की तैयारी पानी डालने जाने के लिए ही हो रही थी. ये बच्चे जुड़े भी मेरे काम से अपने मन से ही, मुझे रोज़ पेड़ लगाते हुए देखते थे आकर एक दिन मदद कर दी और तब से हमारी रोज़ की मुलाकात. ख़ुशी से ज्यादा गर्व हो रहा है खुद पर की कुछ अच्छे बदलाव मैं इन बच्चो में ला पायी बिना जबरदस्ती के.

IMG_20170610_190926

आओ पेड़ लगाए

किसीने मुझे कल ही सिखाया है अपनी छोटी से छोटी ख़ुशी लोगो से शेयर करनी चाहिए इसलिए नहीं की आप खुश हो पर इसलिए भी की उन्हें अच्छा लगेगा की आपने उन्हें अपनी ख़ुशी में शामिल किया. और फिर मैं तो खुश भी हु और गर्व भी महसूस कर रही हु.

शुरुआत हुई थी हर रविवार एक पेड़ लगाने से पर पता नहीं था इतने लोग और इतने रिश्ते जुड़ते चले जायेंगे इस सफर में. वाटर आर्मी के बाकि जवानो की कहानी भी बोहोत जल्दी लिखूंगी. वैसे बता दू हमारी सबसे छोटी जवान हाल ही में पहली कक्षा में गयी है.

IMAG2682

सबसे छोटी  चार्मी

Advertisements

One thought on “पेड़ और पानी

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s