पापा


ये पोस्ट कुछ उन दहश्तवादियो के लिए जो बाप बेटी के खूबसूरत रिश्ते को बदनाम कर रहे है-

पापा, आप से रिश्ता ना जाने कब बना
तब, जब माँ की कोख पर कान रखकर
आपने मुझे महसूस किया था
जब आपने अस्पताल में
मूझे पहली बार देखा था
प्रिंसेस कह कर बुलाया था

जब पहली बार आपने मुझे
गोद मे उठाया था
बड़े प्यार से
सीने से लगाया था

जब हवा में उछाल उछाल
आपने मुझे खिलाया था
मुझे रोते हुए
हसाया था

जब मैंने पहली बार
आपकी उंगली पकड़ी थी
आपने मुझे उंगली थाम
चलना सिखाया था
मैंने पापा कह कर पुकारा था

जब आपने मुझे
साईकल चलाना सिखाया था
मेरी हर जिद्द को
मुस्कुराते हुए पूरा किया था

जब स्कूल मे मेरा नाम
आपके नाम के साथ ही पूरा होता था
या तब….
जब आपने बन्द कमरे में मुझसे जबरदस्ती कर
इन सारे एहसानों का हिसाब लिया

 

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3 comments

    1. I have mentioned in the post that this post is for the fathers who are disrespecting the relation… And its a very well known fact that such disturbing agents are present in society.

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