ऐ लड़की फिर से सुनो तुम

हा मैंने कहा था
ऐ लडक़ी,सुनो तुम
निकलो घर के बाहर
निडर बनकर
लेती हूं आज अपने शब्द वापस
और करती हूं गुज़ारिश…

ए लड़की सुनो तुम
ये भूल ना करना,
अपने घर से
बाहर ना निकलना
तुम सोच के निकलोगी
दुनिया बदलनी है
वो सोच के बैठे है
जिस्म नोचना है
और नोचेंगे भी.

जब इज़्ज़त तुम्हारी लूट जाए
सोचोगी,उसके बाद ही शायद
कोई आवाज़ उठ जाए
मेरे गुनहगार को सज़ा मिल जाये
और गुनाह सोचने वाले भी
दहशत में आ जाये
इंसाफ बस मेरा नही
तो हर लड़की का हो जाए
बिना डरे उसे जीने का मौका मिल जाए

पर बता दु तुम्हे,
हर हादसों के लिए हंगामा नही होता
हर किसी के लिए
हर कोई नही रोता
कहते है कुछ लोग
हादसे तो कितने होते है हर रोज़

तुम रानी थोड़ी हो
जो खून खौल जाए
तुम राम रहीम थोड़ी हो
जो शहर जला दिया जाए
या तुम गाय भी नही हो
जो हंगामा किया जाए
मेरे धर्म की भी तो नही
जो जवाब मांगने बैठ जाए

और कहा किसने था
तुम्हे घर से निकलने
क्या पढ़े नही थे तुमने धर्म के शास्त्र
युही दादी नानी थोड़ी कहती थी
बचके रखने की सलाह देती थी
रसोई घर तक ही रहना
अपनी जिंदगी वही तक समेटना

आज भी तो वही कहते है
“बेटी बचाओ”
फिर भी तुम नही मानी
अब सुनो,
अगली बार ये गलती ना करना
इज़्ज़त बचानी हो
तो घर से बाहर ना निकलना
तुम्हारा चीरहरण रोकने
अब कोई कृष्णा नही आएगा
ना ही कोई अल्लाह
गुहार का तुम्हारी जवाब दे पायेगा
उनके ही घरों में
भक्षक बैठे हैं
उनके ही भक्त
भक्षक बने बैठे है
जमीर हमारा किसीका ही
जिंदा बचा नही
तकलीफ में किसीके शामिल हो
हमारी जिंदगी में अब इतना वक़्त नही

शामिल हो भी गए तो
दो चार नारे लगा देंगे
कुछ कैंडल भी जला लेंगे
ये देख तुम्हारी हिम्मत शायद
फिर थोड़ी और बढ़ जाये
पंख फैलाने के
अरमान जाग जाए
बदलना देखो पर कुछ है नही
बच्ची, लड़की, औरत
किसी बात से इन्हें फर्क नही

कांड के बाद बस
कांड होते जाने है
फिर कटघरे में
जात धर्म,नेता अभिनेता
अमीर गरीब देखकर
गुनहगार ठहराए जाने है
और पहला गुन्हेगार
तो तुम ही रहोगी
इसलिए सुनो ऐ लड़की
तुम ये भूल ना करना
अपनी इज़्ज़त नीलाम करने
घर से बाहर ना निकलना

-स्नेहल वानखेड़े

#DontMixMyBodyAndReligion #JusticeforAsifa #JusticeForEveryRapeVictim #RightToLiveFreely #RightToLiveWithoutFear #IamHumantoo

Advertisements

मेलघाट के रंग

जब भी हम घूमने निकले है हमेशा जो सोचा उस से कुछ अलग देखने और अनुभव करने मिला है. इस अलग अनुभव का हमेशा कारण रहा है दिल खोलकर लोगो से बात करना. जितना हमने दिल खोलके बात की उतना ही उन्होंने हमें अपनाया.चाय पीते पीते बातो बातो में समझा हम भारत के पहले “Digital Village” में बैठे है.
“1 Rupee Doctor” पद्ममश्री डॉ रविन्द्र कोल्हे से मिलने के इरादे से पहुँचे थे गाव कोलूपुर जो कि महाराष्ट्र के धारणी जिल्हे में पड़ता है. डॉ कोल्हे तो नही मिले पर उनकी बहू से मुलाकात हुई और जान ने मिला कुछ अलग ही काम.

उसके बाद हम पहुचे लवादा जहाँ पर है “बांबू सम्पूर्ण केंद्र”. यहाँ आदिवासी समाज के लोगो की कला को और उभारने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है. उन्हें स्वयं पूर्ण बनाया जाता है और स्वयंरोज़गार के लिए भी तैयार किया जाता है.वहाँ मुलाकात हुई काफी अलग लोगो से. अलग उम्र,अलग अलग गांव, अलग सोच पर सबको बांधती एक कला.उसी जगह से पता चला गांव चित्रि का, 70 घर का वो गांव और उसकी अपनी अलग खासियत.

और साथ ही मज़ा लिया हमने सेमाडोह जंगल, मेलघाट में छोटी सी ट्रेक और वहाँ के खास कोरकू तरीके से बनी चिकन करी का. कोरकू मेलघाट में बसे आदिवासी समाज मे से एक जाती है.
ये सारी कहानी और कुछ बाते लेकर आये है हम अपने चिखलदरा मेलघाट के दूसरे एपिसोड में.

लिंक पर क्लिक करके देख सकते है आप पूरा एपिसोड. एपिसोड पसंद आये तो चैनल सब्सक्राइब करके हमारा उत्साह बढाना ना भूले और ना पसंद आये या आगे एपिसोड्स में आप कुछ सुधार चाहते है तो वो भी आप यहाँ कमेंट बॉक्स पर बता सकते है.😊